शहीद दिवस क्या है ? (What is martyr day ?) 

Why Martyr’s Day is celebrated ?

भारत एक महान देश है। एवं भारत का इतिहास हमेशा से गौरवपूर्ण रहा है। भारत की आजादी के लिए बहुत से क्रांतिकारी वीरो ने अपने प्राण तक न्यौछावर कर दिये। इन क्रांतिकारी वीरो में भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, चन्द्रशेखर आजाद समेत कई वीर सम्मलित है। और इन्ही की याद में हम शहीद दिवस Martyrs day मनाते है। तो दोस्तो आज के इस लेख में  हम जानेंगे कि शहीद दिवस क्यो मनाया जाता है। और ये दिवस हमारे देश के लिए इतना गौरवपूर्ण दिवस क्यो माना जाता है

 

शहीद दिवस क्या है ? (What is martyr day ?) 

 

भारत को अंग्रेजो से आजादी दिलाने के लिए जिन क्रांतिकारी वीरो ने अपने जीवन का बलिदान किया। उन्ही के याद में हम शहीद दिवस मनाते है। भारत मे शहीद दिवस वर्ष में दो बार मनाया जाता है। पहला शहीद दिवस 30 जनवरी तथा दूसरा 23 मार्च को मनाया जाता है। भारत विश्व मे उन 15 देशों में आता है। जहाँ पर हर साल शहीद दिवस मनाया जाता है। ये दिवस भारत के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण तिथियां  मानी जाती है। 

 

 शहीद दिवस एक साल मे दो बार क्यों मनाया जाता है ?

 

भारत मे शहीद दिवस वर्ष में दो बार मनाया जाता है। पहला दिवस 30 जनवरी को मनाया जाता है। इस दिन महात्मा गांधी की  हत्या कर दी गयी थी। इसलिए इस तिथि को गांधी जी की याद में शहीद दिवस के रुप मे मनाया जाता है। इस दिन महात्मा गांधी की नाथूराम गोडसे द्वारा गोली मार कर हत्या कर दी गई। नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी को इसलिए मारा क्योकि वे गाँधी जी के विचार से संतुष्ट नही था।

 

दूसरा दिवस 23 मार्च को मनाया जाता है।

 

इस दिन भारत के क्रांतिकारी वीर भगतसिंह, राजगुरु, सुखदेव को अंग्रेजों द्वारा फाँसी दी गई थी। ये क्रन्तिकारी वीर भारत देश की आजादी के लिए हँसते हँसते फाँसी के फंदे पर चढ़ गये। इसलिए 23 मार्च को इन वीर देशभक्तों की याद में शहीद दिवस मनाया जाता है।

 

Shaheed Diwas कैसे मनाते है? ( How to celebrate Martyr’s Day?) 

 

इस दिन भारत के राष्ट्रपति उपराष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के द्वारा दिल्ली के राजघाट पर देश के शहीद वीर जवानों को फूल मालाओं से श्रद्धांजलि दी जाती है। और इन शहीद देशभक्तों की याद में दो मिनट का मौन धारण किया जाता है। इस दिन पूरे भारत के लोग शहीद देशभक्तों को याद करते हैं। और इन्ही के उपलक्ष्य में शहीद दिवस मनाते है।

 

भारत मे शहीद दिवस कबकब मनाया जाता है  ? 

 

भारत मे साल में कई बार शहीद दिवस मनाया जाता है। यह दिवस भारत के शहीद देशभक्तों द्वारा दिये गये अलगअलग बलिदानों के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।

 

30 जनवरी को महात्मा गांधी की नाथूराम गोडसे द्वारा गोलीमार कर हत्या कर दी गयी थी। इसी कारण इस तिथि को गांधी जी के याद में शहीद दिवस के रुप मे मनाया जाता है।

सन 1931 में 23 मार्च के दिन भारत के वीर जवान भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी दी गयी थी। इसलिए इन वीर जवानों की याद में इस दिन शहीद दिवस मनाया जाता है।

 

 19 नवम्बर को विरांगना रानी लक्ष्मीबाई के जन्मदिन के अवसर पर भी शहीद दिवस मनाया जाता है।

30 जनवरी को शहीद दिवस क्यो मनाया जाता है

 

30 जनवरी 1948  को  भारत के  राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की बिड़ला हाउस में  प्रार्थना के समय  उनके शिष्य नाथूराम गोडसे द्वारा गोली मार कर हत्या कर दी गईं। जिसके कारण महात्मा गांधी की मृत्यु हो गयी। गांधी जी बहुत ही सरल और विनम्र विचार के व्यक्ति थे। लेकिन उनके शिष्य नथूराम गोडसे उनके विचारों से सहमत नही थे। नाथूराम गोडसे का मानना था कि गांधी जी देश के विभाजन और स्वतंत्रता संग्राम के समय हजारों  लोगो की हत्या के जिम्मेदार है। नाथूराम अपने विचारों पर अंत तक डटा रहा और उसने अपनी गलती को नही माना। 8 नवम्बर को नाथूराम गोडसे को मौत की सजा सुनाई गई। इस प्रकार महात्मा गांधी की इस दिन मृत्यु होने के कारण इस दिन को शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है।

 

महात्मा गांधी के बारे में जानकारी :- 

 

महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 में भारत के गुजरात राज्य के पोरबंदर जिले में हुआ था। इनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद्र गांधी था। महात्मा गांधी भारतीये स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख नेता थे। महात्मा गांधी सत्य और अहिंसा के पुजारी थे। महात्मा  गांधी ने बहुत सारे आंदोलन चलाये। जिसमे में से सबसे प्रसिद्ध आंदोलन का नामभारत छोड़ो आंदोलनथा।

 

महात्मा गाँधी से जुड़ी रोचक तथ्य:- 

महात्मा गांधी का विवाह मात्र 13 वर्ष की अवस्था मे हो गया था। एवं इनकी पत्नी का नाम कस्तूरबा गांधी था।

महात्मा गांधी ने लंदन में पढ़ाई करके बैरिस्टर की डिग्री हासिल की.

भारत मे महात्मा गांधी के नाम से 53 प्रमुख सड़के है। एवं विदेशों में भी 48 प्रमुख सड़के है।

महात्मा गांधी ने अपनी आत्मकथा गुजराती भाषा मे लिखी थी।

महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता की उपाधि सुभाष चंद्र बोस ने दी थी।

महात्मा गांधी अपने जीवन मे समय का बहुत महत्व रखते थे। वे किसी भी कार्यक्रम में समय से पहुचते थे।

 

23 मार्च को शहीद दिवस  क्यो मनाया जाता है

 

जब भारत मे अंग्रेजो का अत्याचार बढ़ने लगा तब सबसे पहले भगत सिंह ने लौहार में सांडर्स की गोली मार कर हत्या कर दी गयी और फिर भगत सिंह और उनके साथियों द्वारा सेंट्रल असेम्बली में ट्रेंड डिस्ट्रीब्यूट और पब्लिक सेफ्टी के विरोध में बम फेंक दिया। लेकिन उनका मकसद किसी की हत्या करना नही था। सिर्फ वे अपनी आवाज अंग्रेजो तक पहुँचाना चाहते थे। इस घटना के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। और 23 मार्च 1931 को भगत सिंह सहित उनके साथी शिवराजराजगुरु, सुखदेव थापर को फाँसी की सजा हो गयी।  भगतसिंह शिवराज राजगुरु, सुखदेव ने भारत को अंग्रेजो से आजद करने के लिए अपने जान को हँसते हँसते निछावर कर दी। इसलिए 23 मार्च को इन वीर शहीदों की याद मे इस दिन शहीद दिवस मनाया जाता है।

 

भगत सिंह के बारे में जानकारी :- 

 

क्रन्तिकारी वीर भगत सिंह का जन्म 27 सितम्बर 1907 . में बंगा के लायलपुर जिले में हुआ। भगतसिंह बचपन से ही वीर और साहसी व्यक्ति थे। भगतसिंह ने मात्र 23 वर्ष के अवस्था मे रूस, आयरलैंड, फ्रांस की क्रांति का गहरा अध्ययन किया। भगत सिंह एक अच्छे लेखक भी थे। भगतसिंह का भारत की अजादी में विशेष योगदान है। वे भारत की  आजादी के लिए हँसते हँसते फाँसी के फंदे पर चढ़ गये।

 

भगत सिंह के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक तथ्य :- 

भगत सिंह बचपन मे जब अपने पिताजी के साथ खेत मे जाते थे तो वे कहते थे कि हम खेत मे अनाज की जगह बंदूख का उपज क्यो नही कर सकते

भगत सिंह शादी नही करना चाहते थे। जब उनके माता पिता के द्वारा शादी करने के लिए दबाव डाला गया तो वो घर छोड़ कर कानपुर चले गए।

भगत सिंह अपने कॉलेज के टाइम में अच्छे अभिनेता भी थे। उन्हीने बहुत से नाटक में भाग लिया था।

भगत सिंह एक अच्छे लेखक भी थे उन्होंने कई सारी रचनाएँ भी की।

 

भगत सिंह द्वारा लिखा गया आखिरी पत्र

भगत सिंह ने अपने आखिरी समय मे अपने पिता के लिए पत्र लिखते हुए उन्होने अपने दादा जी  और देशभक्ति की चर्चा की। उन्होंने लिखते हुए कहा कि मै भारत को अंग्रेजो से मुक्त करने के लिए अपने प्राण को न्योछावर करता हु। मैंने अपने जीवन मे आने वाली सुख,सुविधा,चयन आराम सब का त्याग कर दिया है। क्योकि बाल्यकाल में ही मुझे मेरे दादा जी ने देश की सेवा करने के लिए दान कर दिया था। इसलिए वे अपने दादा जी के इस कर्तब्य को पूरा करने के लिए आत्मसमर्पण  कर रहे है।

 

वीर भगत सिंह के बारे में कुछ विशेष जानकारी

भगत सिंह के जीवन पर जलियांवाला बाग हत्याकांड का बहुत गहरा असर पड़ा। उन्होंने अपने कॉलेज की पढ़ाई को छोड़कर देश के अजादी के लिएनौजवान भारत सभाका गठन किया।

वीर भगत सिंह ने भारत को अंग्रेजो से मुक्त करने के लिये उनका डटकर मुकाबला किया। और भारत के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।

23 मार्च 1931 में भगत सिंह और उनके साथी राजगुरु, सुखदेव को फांसी दिया गया

भगत सिंह द्वारा लगया गया नाराइंकलाब जिंदाबादबहुत ही प्रसिद्ध है।

  निष्कर्ष – 

दोस्तो आशा करता हूँ आपको  ये लेख शहीद दिवस Martyrs day क्यो मनाया जाता है। जरूर पसंद आया होगा। और इस पोस्ट के माध्यम से आपको शहीद दिवस के बारे में पूरी जानकारी मिली होगी। अगर आपको ये पोस्ट पसन्द आई हो तो अपने दोस्तो के साथ शेयर करे। और अगर आपके मन मे इस पोस्ट से सम्बंधित प्रश्न हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर पूछे हम आपके सवाल का जवाब देने की पूरी कोशिश करंगे।

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