Amrita Pritam Biography

Amrita Pritam Biography : पंजाबी भाषा की पहली कवित्री अमृता प्रीतम भारतीय साहित्य की एक महान लेखिका थी। अमृता प्रीतम ने अपने जीवन में 100 से भी अधिक पुस्तके लिखें जोकि कई विषयों पर आधारित है।

 

दोस्तों आज के इस पोस्ट में हम बात करेंगे Amrita Pritam Biography In hindi  के बारे में जो कि एक पंजाब की मानी जानी लेखिका थी।

 

दोस्तों इस पोस्ट में हम जानेंगे कि अमृता प्रीतम की प्रारंभिक जीवनी क्या थी, उनका जन्म कहां हुआ उनके शिक्षा कहां पूरी हुई,और उनकी प्रमुख कृतियां रचनाएं पुरस्कार क्या और कैसे मिले की पूरी जानकारी जानेंगे इसलिए दोस्तों आप इस पोस्ट को पूरा पढ़ें जिससे आपको

Amrita Pritam Biography के बारे में पूरी जानकारी मिले सके।

 

Amrita Pritam की प्रारंभिक जीवनी –

 

Amrita Pritam जी का जन्म 31 अगस्त 1919 ईस्वी को गुंजनवाला पंजाब में हुआ था।  प्रीतम जी के पिता का नाम ‘ नंद साधु ‘ तथा माता का नाम ‘राज ‘ था।

 

अमृता प्रीतम अपनी माता पिता के इकलौती संतान थे। अमृता प्रीतम का बचपन लाहौर में बीता। बचपन में ही उनकी माता का निधन हो गया तथा पिताजी भी उन्हें छोड़कर कहीं चले गए। इसलिए अमृता प्रीतम का बचपन काफी कठिनाइयों से बीता क्योंकि वह बचपन में ही असहाय-सी हो गई थी। बाद में इनका  लालन-पालन उनकी नानी जी ने किया था।

 

अमृता प्रीतम की मात्र 16 वर्ष की उम्र में ही  पहला संकलन प्रकाशित हुआ था। एवम अमृता प्रीतम जी ने सन 1947 में विभाजन के समय में उस घटना को काफी करीब से महसूस किया था। क्योंकि इनकी कई सारी कहानियों में इस दर्द को आप महसूस कर सकते हैं।

 

जब 1947 का विभाजन हुआ था तो उसके बाद ही उनका परिवार और वह दिल्ली में आकर रहने लगे।

 

 

Amrita Pritam का विवाह एवं निजी जीवन – ( Amrita Pritam Love story )

 

अमृता प्रीतम जी का विवाह 16 साल की उम्र में ही एक संपादक के साथ हुई थी। लेकिन उनकी शादी काफी दिनों तक नहीं चल पाई और बाद में सन 1960 ईस्वी में इनका वैवाहिक जीवन तलाक के साथ ही समाप्त हो गया था।

 

बाद में अमृता प्रीतम जी की आत्मकथा रसीदी टिकट में पता चलता है कि जब उनका तलाक हुआ उसके बाद ही साहिर लुंधिया के साथ उनकी नज़दीकियां बढ़ गई।लेकिन जब साहिर की जिंदगी में गायिका सुधा मल्होत्रा आई।

 

तब उसके बाद अमृता प्रीतम जी की मुलाकात आर्टिस्ट और लेखक इमरोज से हुई और इन्हीं के साथ ही उन्होंने अपना बाकी का जीवन व्यतीत किया था।

 

Amrita Pritam की शिक्षा – ( Amrita Pritam Education )

 

अमृता प्रीतम (Amrita Pritam) जी की आरंभिक शिक्षा लाहौर से संपन्न हुई थी तथा इन्होंने बचपन में ही कई सारी कविता ,कहानी और निबंध लिखने शुरू कर दिए थे।

 

अमृता प्रीतम के लेखों में आपको वास्तविक दृश्यों का वर्णन मिलता है जिसको पढ़ने के बाद व्यक्ति उस चीज को महसूस करने लगता है।

 

अमृता प्रीतम जी ने पंजाबी भाषा के साथ हिंदी अंग्रेजी उर्दू अरबी आदि भाषा का भी ज्ञान प्राप्त किया। तथा उन्होंने बहुत सारे किताबों से ज्ञान प्राप्त कर और अपने अनुभव से बहुत सारी सजीव पुस्तके लिख डाली ।

 

जो कि आज देश विदेशों में प्रकाशित की जा रही है तथा इनके लेखों को अन्य भाषाओं में अनुवाद करके सभी जगहों पर प्रकाशित किया जा रहा है। जो कि हमारे लिए गर्व की बात है।

 

 

Amrita Pritam जी की प्रमुख रचनाएं एवं कृतियां: (Amrita pritam Books and story)

 

अमृता प्रीतम जी  पंजाबी भाषा की एक लोकप्रिय कवित्री माना जाता है। क्योंकि उन्होंने साहित्य में काफी विशेष योगदान दिया और उन्होंने कई सारे रिकॉर्ड भी बनाएं।

 

अमृता प्रीतम जी की रचनाएं मुख्यता कविता, कहानी उपन्यास, आत्मकथा आदि पर आधारित है तथा उन्होंने अन्य कई विधाओं में भी कार्य किया है।

 

प्रीतम जी की रचनाएं में सामाजिक जीवन दर्शन का बहुत ही बेहतरीन ढंग से वर्णन किया गया है जब कोई व्यक्ति इनकी पुस्तकों को पड़ता है तो उसे सामान्य जीवन दर्शन के बारे में काफी अच्छी अच्छी बातें जानने को मिलती है।

 

Amrita Pritam जी द्वारा लिखे गए कुछ प्रमुख रचनाएं निम्न है –

 

  1. कहानी संग्रह – कहानियां जो कहानियां, कहानियों के आंगन में अमृता प्रीतम जी के कहानी संग्रह है जिसे पढ़ने के बाद व्यक्ति को काफी कुछ सीखने को मिलता है।

 

2.आत्मकथा – प्रीतम जी ने कई सारी आत्म कथाएं भी लिखी हैं, जिनमें से उनकी फेमस आत्मकथा ‘रसीदी टिकट’ जो कि काफी फेमस आत्मकथा मानी जाती है इन्होंने इस रचना में अपने जीवन से जुड़ी कुछ घटनाओं पर आधारित बातों को लेकर इस आत्मकथा को लिखा है ।

 

  1. उपन्यास – प्रीतम जी ने सबसे ज्यादा उपन्यास ही लिखे हैं। इनके मुख्य उपन्यासों में कोरे कागज, पिंजर, आशु , पांच बरस लंबी सड़क , उनचास दिन, अदालत, सागर नागमणि , सीपिया, दिल्ली की गलियां, तेरहवाँ सूरज, रंग का पत्ता , धरती सागर ते सीपिया , जेब कतरे , पक्की हवेली कच्ची सड़क , आदि प्रीतम जी द्वारा लिखी गई काफी शानदार उपन्यास है।

 

  1. संस्मरण – संस्मरण में प्रीतम जी ने एक थी सारा ,कच्चा आगन जैसी रचनाएं लिखी है ।

 

  1. कविता संग्रह – चुनी हुई कविताएं प्रीतम जी की फेमस कविता संग्रह है।

 

सम्मान और पुरस्कार ( Amrita Pritam Awards )

 

अमृता प्रीतम जी एक महान कवित्री थी। जिनको उनकी अद्वितीय रचनाओं के कारण बहुत सारे राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।

 

अमृता प्रीतम जी को सन 1956 ईस्वी में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। ये इस पुरस्कार से सम्मानित की जाने वाली पंजाब की पहली महिला थी।

 

अकादमी पुरस्कार से सम्मानित होने के साथ-साथ ही अमृता प्रीतम जी को भारत के और कई सारे महत्वपूर्ण पुरस्कार जैसे पदम श्री भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार पदम विभूषण जैसे कई सारे पुरस्कार मिले। जिस की सूची नीचे दी गई है।

 

  • साहित्य अकादमी पुरस्कार (1956)
  • पद्मश्री (1969)
  • पद्म विभूषण (2004)
  • भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार (1982)
  • बल्गारिया वैरोव पुरस्कार (बुल्गारिया – 1988)
  • डॉक्टर ऑफ लिटरेचर (दिल्ली युनिवर्सिटी- 1973)
  • डॉक्टर ऑफ लिटरेचर (जबलपुर युनिवर्सिटी- 1973)
  • फ्रांस सरकार द्वारा सम्मान (1987)
  • डॉक्टर ऑफ लिटरेचर (विश्व भारती शांतिनिकेतन- 1987)

 

Amrita Pritam की मृत्यु  (  Amrita Pritam Death )

 

अमृता प्रीतम जी की मृत्यु 31 अक्टूबर 2005 को 86 साल की उम्र में हुई थी। अमृता प्रीतम जी काफी समय से किसी लंबी बीमारी से गुजर रही थी और इसी कारण ही इनकी मृत्यु हुई थी।

 

अमृता प्रीतम जी आज ना होते हुए भी हम लोगों के बीच में हैं। क्योंकि उनके द्वारा लिखी गई उपन्यास कविताएं संस्मरण निबंध आज भी उनकी याद दिलाती रहती हैं।क्योंकि उनकी रचनाएं बहुत ही बेहतरीन हैं।

 

आखरी शब्द – ( Last Word )

 

दोस्तों इस पोस्ट के माध्यम से आप ने Amrita Pritam Biography In hindi के बारे में संपूर्ण जानकारी हासिल की । आशा करता हूं आपको अमृता प्रीतम जी से जुड़ी हर एक जानकारी मिल गई होगी क्योंकि हमने इन के जीवन से जुड़ी जितने भी महत्वपूर्ण जानकारियां थी इस पोस्ट के माध्यम से देने की कोशिश की है।

 

दोस्तों आशा करता हूं कि आपको यह पोस्ट अच्छी लगी होगी अगर आपको यह पोस्ट अच्छी लगी हो तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर जरूर करें।

 

जिससे अन्य लोगों को भी ऐसी महान लेखिका के बारे में पता चल सके और यदि आपको इस पोस्ट से संबंधित कोई भी प्रश्न हो तो नीचे कमेंट के माध्यम से जरूर पूछें हम आपके प्रश्नों के उत्तर देने की पूरी कोशिश करेंगे। धन्यवाद

Leave a Comment