बल्ब का आविष्कार किसने किया था?
बल्ब का आविष्कार किसने किया था?

बल्ब का आविष्कार किसने किया था? : बल्ब का आविष्कार सन 1879 को थॉमस अल्वा एडिसन ने किया था। ऐसी मान्यता है कि इन्होंने बल्ब का आविष्कार किया परंतु बल्ब के आविष्कार में बहुत से विद्वानों और वैज्ञानिकों का सहयोग है। थॉमस अल्वा एडिसन एक अमेरिकन वैज्ञानिक थे इन्होंने न केवल सिर्फ बल्ब का आविष्कार किया बल्कि उन्होंने 1000 से भी अधिक छोटे बड़े उपकरणों का भी आविष्कार किया है।

बल्ब का उपयोग तो हम सभी अपने घरों में रोशनी के लिए करते हैं। हमने कभी यह सोचा नहीं था कि यह भी एक बहुत बड़ी खोज हो सकती है। जब से बल्ब का आविष्कार हुआ है तब से इसकी मांग बढ़ती जा रही है। बिना बल्ब के हर घर अंधेरा सा लगता है दिन पर दिन इसकी मांग जिस तरीके से बढ़ रही है उसके कारण बहुत से अलग-अलग कंपनियां बल्ब बनाने लगी है। जैसा कि हमें यह पता है की पिछले कुछ समय से बल्कि जगह CFL ने ले ली है क्योंकि यह बल से बहुत ज्यादा अधिक रौशनी देती है और साथ ही LED बल्ब भी उसी प्रकार से अधिक रोशनी देता है।

बल्ब के अविष्कार का संक्षिप्त में इतिहास :

जैसा की उपयुक्त जानकारियों से यह स्पष्ट होता है कि बल्ब का आविष्कार केवल थॉमस एडिसन ने अकेले नहीं बल्कि उनके साथ अनेक वैज्ञानिकों ने अपना सहयोग दिया था। बल्ब का आविष्कार डेवी, स्वान और थॉमस एडिसन ने 1878 ईस्वी में किया। 14 अक्टूबर 1878 में एडिसन ने बिजली की रोशनी में सुधार के लिए अपनी पहली पेटेंट आवेदन दायर किया कि एडिशन और उनकी टीम को यह पता चला है कि एक कार्बनिकृत बांस रेशा 12,000 से अधिक घंटे चल सकती है इस अविष्कार से पहले बहुत कोशिश की गई थी।

1802 ईसवी में हम्फ्री डेवी सबसे पहले बिजली की रोशनी का आविष्कार किया था उन्होंने यह कहा था कि उन्होंने बिजली के साथ प्रयोग किया और एक इलेक्ट्रिक बैटरी का आविष्कार किया वह जब अपने बैटरी एवं कार्बन को एक टुकड़ा करने के लिए तारों को जैसे ही जोड़ा तो कार्बन, glowed, प्रकाश का निर्माण हुआ उनका यह निर्माण इलेक्ट्रिक आर्क दीपक के रूप में जाना जाता है। और जब प्रकाश का उत्पादन किया गया था तब वह लंबे समय के लिए व्यवहारिक प्रयोग में किया जाता है।

एक अंग्रेज जोसेफ विल्सन हंस नामक भौतिक वैज्ञानिक ने 1850 ईस्वी में एक खाली गिलास में बल्ब के कार्बनिकृत कागज के एक तंतु संलग्न द्वारा एक प्रकाश बल्ब को तैयार किया और 1860 तक एक काम प्रोटोटाइप था लेकिन एक अच्छा वैक्यूम की कमी और बिजली की पर्याप्त आपूर्ति के कारण एक बल्ब का प्रकाश इतना प्रभाव कारी बन गया की अब इसका प्रयोग अधिक से अधिक होने लगा है। बल्ब का आविष्कार होने से पहले एक समय ऐसा भी था कि जब लोग रोशनी के लिए दीया मोमबत्ती लालटेन इत्यादि का इस्तेमाल किया करते थे। लेकिन इस प्रकार की चीजों का अगर सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया जाता था तब वह दुर्घटना में परिवर्तित हो जाती थी इसीलिए वैज्ञानिकों ने बल्ब का आविष्कार किया था।

लेकिन जब थॉमस अल्वा एडिसन ने बल्ब का आविष्कार कर दिया था तब मानव पूरे विश्व का चित्र ही बदल गया था। अब लोगों को अंधेरे से कोई डरने की जरूरत नहीं पढ़ती थी। अब ना केवल घर में हैं बल्कि घर के बाहर भी बल्ब का इस्तेमाल होने लगा है।

बल्ब क्या है?

बल्ब असल में एक ऐसा उपकरण माना जाता है जो कि हमें रोशनी प्रदान करता है यदि उसे विद्युत से जोड़ दिया जाए तो आप जहां मन चाहे वहां करंट के द्वारा बल्ब का इस्तेमाल कर सकते हैं। बल में एक तार होता है जिसके माध्यम से विद्युत प्रवाह किया जाता है। जब वह तार गर्म हो जाता है तब वह हमें रोशनी प्रदान करता है।

बल्ब का आविष्कार कैसे हुआ :

आपको पता चल ही गया होगा कि बल्ब का आविष्कार किसने और कब किया था। तो चलिए जानते हैं कि बल का आविष्कार कैसे हुआ था? विद्युत से रोशनी पैदा करने के सवाल से पहले English Chemist Humphery Davy के मन में आया था कि इन बातों को अब तक 200 साल से भी ज्यादा हो गया है तो उन्होंने सबसे पहले यह दिखाइए कि विद्युत तार से प्रवाह किया जाए तो इससे बल्ब का तार गर्म हो जाता है और गर्म होकर वह बिजली उत्पन्न करता है।

उनके द्वारा तैयार किया गया उपकरण कुछ घंटों में चलता था उसके बाद वह जल नहीं पाता था लेकिन वहीं पर थॉमस अल्वा एडिसन बल्ब का आविष्कार करके पूरी दुनिया को एक नई दिशा प्रदान की उन्होंने सन 1879 ईस्वी में Carbon Filament Light बल्लू को पूरे विश्व में प्रस्तुत किया था।

एडिशन जी के दिमाग से एक ऐसी तोड़ निकाली गई थी जिसमें वह तीन कार्बन फिलामेंट के साथ बेहतर डिजाइन का इस्तेमाल करते थे जिसमें उन्होंने Vacuums बेहतर का इस्तेमाल किया गया था । जो कि आगे चलकर दोनों Scientific और Commercial Challenges को खत्म करने में सफल रहा और अंत में लाइट बल्ब बनकर तैयार हो गया। बल्ब का आविष्कार के बाद पूरी दुनिया में रोशनी भर गई।

वैज्ञानिकों को यह पता था कि जब बिजली कुछ चीजों से होकर गुजरती है तो वह गर्म हो जाती है और जब वह घर होने लगती है तो वह प्रकाश उत्पन्न करने लगती है। इसी कांसेप्ट पर सबसे पहले बल्ब का आविष्कार किया गया था लेकिन उन में इस्तेमाल की जाने वाली चीजें इतनी अधिक गर्म हो जाती थी कि वह जलने या पिघलने लगती थी। जो चीज जो चीज रोशनी जलने के लिए बल्ब में इस्तेमाल की जाती थी उसे फिलामेंट कहा जाता है आगे सभी शोधकर्ताओं ने फिलामेंट के उपयुक्त चीजों को खोजने के लिए अपनी रिसर्च को करना शुरू किया। सन 1835 ईस्वी में स्कॉटलैंड के जेम्स बोमैन लिडंसे नाम के वैज्ञानिक ने बताया था कि यदि लैंप के अंदर कॉपर का फिलामेंट हो तो वह लगातार रोशनी देता रहेगा।

बल्ब का आविष्कार किसने किया था?
बल्ब का आविष्कार किसने किया था?

क्या सच में एडमिशन जी ने बल्ब का आविष्कार किया था?

इस सवाल का जवाब हां भी हो सकता है और ना भी हो सकता है। इसका मतलब यह है कि आज तक जितने भी बड़े से बड़े अविष्कार हुए हैं इतिहास में उनमें केवल एक वैज्ञानिक का हाथ नहीं होता है बल्कि अनेक लोगों का हाथ होता है। ठीक ऐसा ही Modern light bulbs आविष्कार भी केवल एडिशन अकेले नहीं बल्कि इसमें बहुत से लोगों की मिलित कोशिश है जिसका परिणाम आज हमें स्पष्ट रूप से देखने को मिलता है।

कुछ इतिहासकारों का मानना है कि करीब 20 से भी अधिक अविष्कारक कौन है लाइट बल्ब का डिजाइन एडिशन से भी पहले तैयार किया हुआ था। लेकिन इस बात को भी नकारा नहीं जा सकता है कि बल्ब का आविष्कार का योगदान सबसे अधिक थॉमस एडिसन का ही है शायद इसलिए थॉमस एडिसन को बल्ब का आविष्कार का जनक कहा जाता है।

conclusion

अब आपको पता चल गया होगा कि बल्ब का आविष्कार कब और किसने किया था? बल्ब से संबंधित सभी तरह की जानकारी हमने आपको अपने इस पोस्ट में बता दी है।

मैं आशा करत हूं आज के इस पोस्ट में आपको बल्ब से संबंधित सभी तरह की जानकारी पढ़कर उसके बारे में पता चल गया होगा। यदि आज का यह पोस्ट आपको पसंद आया हो तो इसे लाइक एवं शेयर करें ताकि और भी लोगों तक यह जानकारी पहुंच सके। यदि बल्ब से संबंधित किसी भी तरह का सवाल आपके मन में हो तो उसे नीचे हमारे कमेंट बॉक्स पर लिखें हम आपके सवालों के जवाब देने का प्रयास करेंगे। धन्यवाद

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