ICSE Full Form
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ICSE Full Form – आई.सी.एस.ई की पूरी जानकारी आईसीएसई का फुल फॉर्म क्या होता है, एसएससी का एग्जाम कैसे क्लियर करें, इसका क्या मतलब होता है, यह क्या है, आईसीएसई बोर्ड क्या होता यदि आप इन सब के बारे में नहीं जानते हैं तो आज हम आपको इसके बारे में बताने जा रहे हैं आज हम इस पोस्ट मैं आपको आईसीएसई से जुड़ी पूरी जानकारी देने जा रहे हैं तो चलिए हम जानते हैं कि आईसीएसई क्या होता है एवं इसका फुल फॉर्म क्या है

ICSE Full Form

ICSE का Full form “Indian certificate of of secondary education” होता है एवं इसे हिंदी में माध्यमिक शिक्षा के भारतीय प्रमाण पत्र के नाम से भी जाना जाता है। ICSE माध्यमिक शिक्षा से संबंधित एक प्रकार का प्राइवेट इंस्टिट्यूट है जिसे इंग्लिश मीडियम में संचालित किया गया है साथ ही साथ इस इंस्टीट्यूट द्वारा आयोजित किए जाने वाली सभी तरह की परीक्षाएं अंग्रेजी में होती है। आईसीएसई बोर्ड का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है।

आईसीएसई बोर्ड की स्थापना 1956 ईस्वी में की गई थी एवं जिसका उद्देश्य भारत में आंग्ल भारतीय एजुकेशन था। इस institute को हमारे भारत में 1986 में नई एजुकेशन नीति के सिफारिशों के अनुसार सामान एजुकेशन के सिलेबस में एक परीक्षा देने के लिए बनाया गया हैं। भारत में दसवीं कक्षा के छात्र के लिए आयोजित आईसीएसई एक परीक्षा है जो CISCE के द्वारा संचालित किया जाता है जो केवल भारतीय विद्यालय द्वारा प्रमाणित परीक्षा के लिए एक परिषद है। यह आईसीएसई द्वारा आयोजित काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन एक परीक्षा होती है। यह परीक्षा भारत में दसवीं कक्षा के लिए गैर सरकारी एवम् एक निजी स्कूली शिक्षा बोर्ड है। जो वर्ष 1986 में नई शिक्षा नीति की सिफारिश को पूरा करने के लिए बनाई गई है।

ICSE Full Form
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ICSE क्या है ?  (What is ICSE ) 

दोस्तों हमारे देश के सभी माता-पिता को अपने बच्चों की पढ़ाई को लेकर कई सारी शंकाएं होती है कि वह अपने बेटे को कौन से स्कूल में पढ़ाए उनके लिए क्या बेहतर होगा इस तरह की concerns सभी माता-पिता के मन में होते हैं परंतु जब बच्चों के एडमिशन की बात आती है तो सभी माता-पिता इस सोच में रहते हैं कि हम अपने बच्चों का एडमिशन सीबीएसई बोर्ड में करवाएंगे या आईसीएसई बोर्ड में। कौन सा बोर्ड उनके बच्चों के लिए बेहतर होगा क्योंकि हमारे देश में दो तरह के महत्वपूर्ण बोर्ड है जिनमें सीबीएसई बोर्ड एवं आईसीएसई बोर्ड दोनों ही बहुत ही बेहतरीन है। यहां पर हमारी शिक्षा प्रणाली में तीन तरह के खंड आते हैं जिसमें से पहला होता है प्राथमिक दूसरा माध्यमिक एवं तीसरा हायर सेकेंडरी लेवल होता है। प्रत्येक स्तर पर बच्चों के कैरियर बनाने के लिए अलग-अलग तरह के प्रक्रियाएं भी होती है। यदि आप आईसीएसई बोर्ड से संबंधित प्रक्रियाओं को जानना चाहते हैं तो इस पोस्ट को पूरा अवश्य पढ़ें।

सीआईएससी के द्वारा आईसीएसई बोर्ड की परीक्षाएं ली जाती है। सीआईएससी एक प्रकार का एनजीओ संस्था है जो बोर्ड 12वीं कक्षा तक की परीक्षाओं को आयोजित करता है। यह अंग्रेजी के माध्यम द्वारा आईसीएसई की परीक्षा को आयोजित करती है।

यह The Indian Of Secondary education council for the Indian school certificate examination द्वारा आयोजित एक परीक्षा होती हैं। ICSE से संबंधित स्कूलों की मांग बढ़ती जा रही है। इस परीक्षा का तरीका अंग्रेजी में है इसमें केवल आईसीएसई से संबंधित कॉलेजों के नियमित छात्रों को ही परीक्षा में शामिल होने का अधिकार होता है निजी छात्र इस परीक्षा में नहीं बैठ सकते हैं।

यदि हम आमतौर पर आईसीएसई की बात करें तो है इसे तीन अलग-अलग ग्रुप में विभाजित किया गया है जिसमें पहला कंपलसरी है जिसमें इंग्लिश हिस्ट्री सिविक्स एंड ज्योग्राफी और भारतीय भाषा का समावेश है। इन दृश्यों को पढ़ना कंपलसरी होता है। यदि हम इंडियन लैंग्वेज की बात करें तो इसका मतलब राज्य भाषा होती है जो प्रत्येक राज्य में अलग-अलग होती है। इन विषयों में किन्हीं दो विषयों को चुनना होता है जिसमें से इसमें science, mathematics, environmental science, computer science, agricultural science जैसे विषयों का यह समावेश होता है।

आईसीएसई में आखिर में जो विषय आते हैं उनमें से आपको किसी एक को ही चुना होता है जैसे कंप्यूटर एप्लीकेशन तकनीकी ड्राइंग योग आदि। आईसीएसई बोर्ड का पाठ्यक्रम बहुत ही लंबा एवं व्यापक होता है। इस बोर्ड को किसी भी बच्चे के संपूर्ण विकास के लिए बनाया गया है। आईसीएसई बोर्ड किन्हीं 6 विषयों में से पांच विषयों के मार्क्स का समावेश होता है इसमें ऐसे कई सारे विषय है जिसमें एक दो या तीन पेपर आते हैं। यह बोर्ड कक्षा 5 और एक के लिए भी परीक्षाएं शुरू करने की योजना बना रहा है।

ICSE क्या है और उसके क्या– क्या कार्य होते है ?

यह भारतीय माध्यमिक शिक्षा प्रमाण पत्र भारत एवं अन्य देशों में शिक्षा प्रदान करने का कार्य करता है। इसका हेड क्वार्टर नई दिल्ली में स्थित है। आईसीएसई बोर्ड को वर्ष 1986 में नई शिक्षा नीति के तहत सिफारिस को पूरा करने के लिए बनाया गया था। इसमें केवल आईसीएसई बोर्ड के छात्र ही शामिल हो सकते हैं। आईसीएसई बोर्ड में 20 से अधिक भारतीय भाषाओं एवं 12 विदेशी भाषाओं में एजुकेशन प्रदान किया जाता है। भारत सहित संयुक्त अरब अमीरात सिंगापुर जैसे और भी कई देशों में 1000 से अधिक स्कूल इससे संबंधित है। इस बोर्ड में अंग्रेजी , दूसरी भाषा , इतिहास शास्त्र एवं भूगोल और विज्ञान एप्लीकेशन को अनिवार्य विषयों में रखा जाता है। इन विषयों को हर स्टूडेंट को लेना अनिवार्य है।

आईसीएसई बोर्ड की प्रमुख विशेषताएं –

यहां पर आईसीएसई बोर्ड से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण बातें कही गई हैं —

1. विषय चुनने की आईसीएसई बोर्ड में विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला होती है।

2.यह बोर्ड छात्रों के समग्र विकास पर केंद्रित होता है।

3.आईसीएसई बोर्ड का पाठ्यक्रम बहुत विशाल एवं व्यापक होता है।

4.ICSE का सिलेबस व्यवहारिक एवं विभिन्न अवधारणाओं का विस्तृत ज्ञान प्रदान करता है।

5. निजी उम्मीदवार इस परीक्षा के लिए उपस्थित नहीं हो सकते हैं।

6. ICSE board के जरिए छात्रों को TOEFL और IELTS जैसी परीक्षाओं में उत्तीर्ण होने में मदद मिलती है क्योंकि यह बोर्ड अंग्रेजी प्रवाह पर सख्ती से जोर देता है जिसके कारण इस बोर्ड के छात्र दूसरों की तुलना में अंग्रेजी में अधिक स्पष्ट होते हैं।

7. आईसीएसई परीक्षा के प्रमाण अंक जैसे ही प्रतिशत के रूप में जारी होते हैं छात्रों को उनके स्वयं के प्रदर्शन के बारे में जानकारी मिल जाती हैं।

ICSE की तैयारी ?

ICSE एवं CBSE मैं अंतर के बावजूद ऐसी ऐसी के छात्र आसानी पूर्वक ओलंपियाड एनपीएससी जैसे प्रतियोगि परीक्षाओं की तैयारी आसानी से कर सकते हैं।

विज्ञान और गणित जैसे विषयों का पाठ्यक्रम लगभग समान होता है। आईसीएसई परीक्षा को सवालों के उचित अभ्यास के साथ आसानी से क्रैक किया जा सकता है।

आईसीएसई के छात्र इंबाइब पर गणित एवं विज्ञान जैसे विषयों के लिए कक्षा 10 के मॉक टेस्ट दे सकते हैं। यह परीक्षण मुफ्त में उपलब्ध किया गया है इसे ना केवल आईसीएसई बोर्ड परीक्षा में अपितु अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी मदद किया गया है।

Conclusion

दोस्तों आज के इस पोस्ट के जरिए हम आईसीएसई बोर्ड के बारे में जान पाए हैं कि यह क्या है एवं इन में कौन-कौन सी सुविधाएं होती है इत्यादि।

मैं आशा करती हूं कि इस पोस्ट के जरिए मैंने आपको यह समझा दिया होगा की ICSE क्या होता है एवं यह कैसे कार्य करता है? यदि आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आई हो तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर करें एवम् लाइक करें जिससे अन्य लोगों को भी इसके बारे में और अधिक जानकारी मिल सके। यदि आपके पास आईसीएसई से संबंधित किसी भी तरह के प्रश्न हो तो हमारे कमेंट बॉक्स पर लिखें हम आपके प्रश्नों के उत्तर देने का प्रयास करेंगे। धन्यवाद………

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