भारत में इंटरनेट का आविष्कार कब और किसने किया
भारत में इंटरनेट का आविष्कार कब और किसने किया

भारत में इंटरनेट का आविष्कार कब और किसने किया ? आज के अपने इस पोस्ट में हम या जानेंगे कि भारत में इंटरनेट का आविष्कार कब एवं किसने किया था? हम सभी आज की इस दुनिया में जिस भी चीज के बारे में जानना चाहते हैं उसके लिए इंटरनेट एक सबसे उपयोगी चीज है जिसकी सहायता से हम आसानी से किसी भी चीज एवं किसी के भी बारे में पता लगा सकते हैं।

आज के दुनिया में इंटरनेट वैज्ञानिकों की सबसे महत्वपूर्ण खोज में से एक माना जाता है। इंटरनेट के बिना आज किसी भी व्यक्ति का कोई भी काम पूरा नहीं हो सकता है। आजकल इंटरनेट का उपयोग स्कूल ऑफिस रेलवे स्टेशन यहां तक कि हम जितने भी काम ले ले उन सभी जगहों पर इंटरनेट का उपयोग अवश्य होता है। वैज्ञानिकों की खोज मनुष्य के लिए काफी फायदेमंद साबित हुई है

इंटरनेट की सहायता से मनुष्य का काम काफी हद तक आसान हो गया है। वह घर बैठे ही अपने कई सारे काम इस इंटरनेट की सहायता से आसानी से पूरा कर सकते हैं। जबकि यह इंटरनेट मनुष्य के लिए इतना अधिक उपयोगी है तो चलिए हम जानते हैं कि इस इंटरनेट का आविष्कार कब एवं किसने किया था। यह जानने के लिए इस पोस्ट को पूरा पढ़ें

भारत में इंटरनेट का आविष्कार कब और किसने किया
भारत में इंटरनेट का आविष्कार कब और किसने किया

भारत में इंटरनेट का आविष्कार कब और किसने किया

भारत देश में इंटरनेट का इस्तेमाल पहली बार 15 अगस्त 1995 ईस्वी में किया गया था। भारत देश में इंटरनेट को आए लगभग 26 साल पूरे हो चुके हैं। इंटरनेट सेवाओं को नवंबर 1998 इस्वी में तत्कालीन सरकार ने निजी ओपरेटरो के द्वारा उपलब्ध कराने के लिए पूरे क्षेत्र को खोल दिया। आज के समय में इंटरनेट हमारी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है एवं इस इंटरनेट की सहायता से कई सारे लोगों को रोजगार की भी प्राप्ति हुई है। इंटरनेट का उपयोग लोग कई तरह से कर रहे हैं

जैसे इंटरनेट की सहायता से बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं भुगतान भरा जाता है परीक्षा के परिणाम देख सकते हैं यहां तक की यात्रा की टिकट भी हम इंटरनेट से आसानी से बिना कहीं जाए घर बैठे ही बुक कर सकते हैं। इसी इंटरनेट की सहायता से लोग अपनी शिकायतों को एवं अपनी परेशानियों को सरकार तक भी पहुंचाने में सफल हुए हैं एवं इंटरनेट की सहायता से हम देश-विदेश सभी जगह की खबरों को एवं महत्वपूर्ण सूचनाओं को हम इंटरनेट पर ही पढ़ सकते हैं।

एक ऐसा समय हुआ करता था जब इंटरनेट के उपयोग करने के लिए लोगों को साइबर कै से कैफे जाने की आवश्यकता पड़ती थी और यह कैफे शहर में गिने-चुने एक या दो की गिनती में ही दिखाई पड़ते थे और वह भी बहुत महंगे हुआ करते थे। परंतु आज के समय में इंटरनेट इतना अधिक विकसित हो गया है कि हम घर बैठे ही अपने सारे काम आसानी से कर सकते हैं इसके लिए हमें साइबरकैफे जाने की भी आवश्यकता नहीं पड़ती है।

जब इंटरनेट की शुरुआत हुई थी उस वक्त इसकी महंगाई काफी स्पीड के साथ दोगुनी एवं चार गुनी हो जाया करती थी परंतु अब यह काफी सस्ते हो गए हैं जिससे प्रत्येक व्यक्ति इसका आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं।

पहले इंटरनेट की मंगाई इतनी अधिक थी कि प्रोफेशनल के लिए हमें 9.6 केबीपीएस के लिए ₹5000 सालाना चुकाने पड़ते थे। इसी तरह की स्पीड को नॉन कमर्शियल सूची में पानी के लिए हमें ₹15000 चुकाने पड़ते थे। इसी स्पीड के लिए कमर्शियल इस्तेमाल में ₹25000 तक का प्लान आया करता था। यह सभी डायल अप कनेक्शन के रेट हुआ करते थे। यदि किसी को लीज लाइन चाहिए थी तो उसके लिए कमर्शियल कैटिगरी के लिए सालाना के ₹600000 तक के प्लान आते थे।

महंगा इंटरनेट अब बीते जमाने की बात बन कर रह गई है। आज के समय में इंटरनेट इतने अधिक सस्ते एवं काफी ज्यादा तेज गति से चलने लगे हैं। इंटरनेट के कई सारे प्लानो की बाजार में भरमार है जिसमें सस्ते इंटरनेट एवं तेज गति से चलने वाले प्लान मौजूद है जो ग्राहकों को काफी सस्ते में मिल जाते हैं। इंटरनेट की शुरुआत जो 26 साल पहले एक चिंगारी के रूप में जन्मी थी वह आज के समय में एक ज्वाला बन चुकी है।

पहले के समय में इंटरनेट की सेवाएं एक विदेशी संचार निगम लिमिटेड थी परंतु अब इसका नाम बदल दिया गया है एवं यह सरकारी कंपनी स्वतंत्र कंपनी बन चुकी है। जब संचार के इस तीव्रतम साधन तक आम लोगों की पहुंच सुनिश्चित हो गई तब सबसे पहले इस इंटरनेट का इस्तेमाल कोलकाता शहर में किया गया था।

शुरुआत में इंटरनेट के इस्तेमाल के लिए लोग केवल कंप्यूटर के जरिए ही इंटरनेट से जुड़ पाते थे परंतु आज के समय में वैज्ञानिकों ने इतना अधिक विकास कर लिया है कि हम मोबाइल फोन के जरिए भी इंटरनेट लोगों की पॉकेट तक पहुंच चुका है। हम इसका इस्तेमाल अपने फोन पर भी आसानी से कर सकते हैं। अब इंटरनेट का उपयोग किसी चीज के बारे में सूचना प्राप्त करने से भी कई आगे तक विकसित हो गया है एवं इसके प्रारंभ से लेकर अब तक इंटरनेट से भाषा बंधन को भी पूरी तरह से हटा दिया गया है। आज के समय में इंटरनेट में लगभग सभी भाषाओं में हर तरह की इंटरनेट सामग्री काफी सुविधा पूर्वक उपलब्ध हो जाती है।

नेशनल रिसर्च नेटवर्क के साथ शुरू हुआ था इंटरनेट का इतिहास

भारत में इंटरनेट की शुरुआत सन् 1986 इस्वी में नेशनल रिसर्च नेटवर्क (ERNET) के लॉन्च के साथ ही हुई थी। इस वक्त इंटरनेट का उपयोग केवल शिक्षा रिसर्च आदि के क्षेत्र में ही इसका उपयोग किया जाता था। यूनाइटेड नेशंस डेवलपमेंट प्रोग्राम (UNDP) एवं भारत सरकार के सहयोग वह आर्थिक सहायता के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग (DOE) ने इंटरनेट के नेटवर्क को शुरू किया था। NICNet की शुरुआत सन 1988 में हुई एवं इस इंटरनेट नेटवर्क का संचालन राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र द्वारा पूरा किया गया था।

निष्कर्ष 

अब आपको यह पता चल गया होगा कि इंटरनेट का आविष्कार कब हुआ एवं किसने किया था। इंटरनेट आप लोगों की सबसे महत्वपूर्ण जरूरतों में से एक है। इंटरनेट के बिना मनुष्य के जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। आज का इंटरनेट लोगों के लिए काफी हद तक फायदेमंद भी है एवं नुकसानदायक भी है यह सब मनुष्य के द्वारा उपयोग पर निर्भर करता है कि वह इस इंटरनेट का इस्तेमाल किस ढंग से एवं किस तरीके से करता है।

मैं आशा करती हूं आज का यह पोस्ट आपको अच्छा लगा होगा एवं इससे जुड़ी जानकारी आप तक पहुंचाने में हम सफल हुए होंगे। यदि इस पोस्ट से जुड़ी जानकारी आपको अच्छी लगी हो तो इसे लाइक एवं शेयर करें ताकि और भी लोगों तक यह जानकारी पहुंच सके। यदि इस पोस्ट से संबंधित कोई भी सवाल आपके मन में हो तो उसे नीचे हमारे कमेंट बॉक्स पर लिखें हम आपके सवालों के जवाब देने का पूरा पूरा प्रयास करेंगे। धन्यवाद….. 

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