Kadaknath

लगभग सभी जगह के लोग अपने भोजन में चिकन अंडा आदि का सेवन करते है। क्योंकि ये सेहत के लिए काफी लाभदायक होता है। लोग चिकन के रूप में बकरी, मछली, मुर्गा आदि का सेवन करते है। और बात करे कड़कनाथ नस्ल के मुर्गे की तो इसके अंडे और चिकन की बाजारों में अधिक मांग होती है। ये मुर्गे अधिक दामो में बिकते है। तो अगर कोई मुर्गी पालन का कार्य करना चाहता है। तो उसे कड़कनाथ मुर्गी पालन के बारे में जरूर जानना चाहिए। तो दोस्तो इस पोस्ट में हम जानेंगे कि Kadaknath मुर्गा पालन कैसे शुरू करे। इसके पालन में हमे किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। और इसे हम एक बिजनेस के रूप में कैसे स्टार्ट कर सकते है, आदि सभी जानकारी।

 

कड़कनाथ नस्ल के मुर्गे कैसे होते है।

 

कड़कनाथ नस्ल के मुर्गो का रंग काला होने के कारण इसे  काला मुर्गा या कालामासी  के नाम से भी जाना जाता है। इस नस्ल के मुर्गो के पंख से लेकर, चोंच और अंडे काले ही होते है। ये मुर्गे सिर्फ 4-5 महीने में  तैयार हो जाते है। और बाजारों में इनकी कीमत काफी अधिक होती है। कड़कनाथ में अधिक मात्रा में प्रोटीन के साथ कई विटामिनस पाये जाते है। एवं कड़कनाथ चिकन को लोग औषधियो के रूप में भी प्रयोग करते है।

 

कड़कनाथ नस्ल के मुर्गे कहाँ-कहाँ पाये जाते है। ( Where is Kadaknath chickens Found? )

 

कड़कनाथ मुर्गा मुख्य रुप से भारत के मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में पाया जाता है। यह सबसे पहले मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले में पाया गया। और फिर धीरे-धीरे यह  महाराष्ट्र तमिलनाडु,आध्रप्रदेश, उत्तर प्रदेश जैसे कई राज्यो में पाया जाने लगा। इसमे पाये जाने वाले फायदों के कारण अब इसकी मांग पूरे देश मे की जा रही है।

कड़कनाथ मुर्गे की प्रजातियाँ ! (Kadaknath Chicken Species!)

 

कड़कनाथ नस्ल के मुर्गो की मुख्यता 3 प्रजातियाँ  होती है।

 

  • पहली प्रजाति जिसे जेडब्लैक के नाम से जाना जाता है। इसकी पहचान यह है की इसके शरीर में मौजूद पंखों का रंग पूरी तरह काला होता है।

 

  • दूसरी प्रजाति जिसे पेंसील्ड के नाम से जाना जाता है। इसके पंख कुछ पिंसिल के नोख की तरह होते है।

 

  • तीसरी प्रजाति को गोल्डन कड़कनाथ के नाम से जाना जाता है। इस प्रजाति के मुर्गो के पंखों पर गोल्डन कलर के छीटे होते है।

 

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कड़कनाथ सेहत के लिए ऐसे है फायदेमंद – ( Health benefits of Kadaknath Chicken)

 

  • कड़कनाथ चिकन में अन्य चिकन के मुकाबले कम मात्रा में कोलेस्ट्रॉल होता है। जिससे इसके सेवन से शरीर मे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा नही बढ़ती है।

 

  • कड़कनाथ चिकन में अधिक मात्रा में अमीनो एसिड पाया जाता है। जो सेहत के लिए फायदेमंद है।

 

  • कड़कनाथ चिकन ह्रदय रोगी, कैंसर रोगी के लिए फायदेमंद है। उन्हें इसका सेवन जरूर करना चाहिए।

 

कड़कनाथ चिकन के अंडे और मॉस के दाम?(Kadaknath Chicken’s Eggs and Meat Prices?)

 

कड़कनाथ नस्ल के मुर्गियों द्वारा दिये गए अंडे बाजारों में 50 से 60 रुपये में बिकते है। जो कि काफी अच्छी मूल्य है। और इसके चिकन का भी बाजारों में खूब मांग होता है।

कड़कनाथ चिकन के 1 किलो का दाम 600 से 1000 रुपये तक होता है। जो अन्य नस्ल के मुर्गो के हिसाब से 2 से 3 गुना अधिक दामो में बिकता है।

 

 

कड़कनाथ मुर्गी पालन कैसे शुरू करे। (How to start Kadaknath Chicken Poultry farming.)

 

कड़कनाथ मुर्गी  पालन शुरू करने के लिए आपको मुर्गियों के हिसाब से जमीन की आवश्यकता होती है। अगर आप कड़कनाथ नस्ल के 100 मुर्गे रखते है। तो आपको 150  फिट स्थान की जरूरत पड़ती है। इसी प्रकार यदि आप 1000 मुर्गे रखते है । तो आपको 1550 फिट जमीन की जरूरत पड़ती है। मुर्गी फॉर्म आप गांव या शहर के बाहर बना सकते है। ध्यान यह रहे कि आप जहाँ मुर्गी पालन कर रहे है । वहाँ पर हवा ,पानी , बिजली की पूरी व्यवस्था हो ।

 

कड़कनाथ मुर्गी पालन के लिए कहाँ से खरीदे मुर्गियां ?

 

कड़कनाथ नस्ल के चिकन आप अपने क्षेत्र के पशुपालन क्षेत्र या पशुचिकित्सा विश्वविद्यालय से ले सकते है। आप अगर इस बिजनेस को शुरू करना चाहते है। तो शुरुआत में कम चिकन लेकर ही शुरू करे। और जैसे-जैसे आपको प्रॉफिट हो पुनः इसे बढ़ाते जाए। और बात करे इसके  चिकन के दाम  के बारे में तो इसे  इसके वजन और आयु के हिसाब से दिया जाता है। अगर आप कम वजन और कम दिनों के चूजे लेते है। तो आपको कम पैसे लगते है।

 

कड़कनाथ  नस्ल के चूजे लाते  समय कैसे पता करे इनकी सेहत ?

 

जब आप मुर्गी पालन के लिए पशुआलय में चूजे लेने जाए तो उनकी सेहत को ध्यान में रखकर ही चूजे खरीदे नही तो आपको घटा का सामना करना पड़ सकता है। इसके लिए आपको निम्न बातों को ध्यान में रखना होगा –

 

  • एक स्वस्थ चिकन हमेशा आवाज करते रहते है। इसलिए जो चिकन ज्यादा आवाज करते है। उसे स्वस्थ माना जाता है। और अगर वे कम आवाज करते है। या शांत रहे है। तो आपको समझ जाना चाहिए कि ये चिकन स्वस्थ नही है।

 

  • एक स्वस्थ चिकन हमेशा दाने चुन्ना और एक जगह से दूसरे जगह पर कूदता रहता है। जोकी स्वस्थ मुर्गियों की निशानी होती है। इसलिए अगर आप चिकन खरीदने जाए तो इन बातों का ध्यान जरूर रखे।

 

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मुर्गियों की समय-समय से करनी होगी वेक्सिनेशन  –

 

अगर आप मुर्गी फार्म खोलते है। तो ये आपके लिए महत्वपूर्ण बिंदु में से एक है। आपको मुर्गी फार्म में पल रही चूजों का समय समय पर वेक्सिनेशन करना बहुत जरूरी होता है। जिससे वो बीमार ना हो।  और अगर किसी कारण वश कोई मुर्गी बीमार दिखाई पड़ती है। तो उसे अन्य मुर्गियों से दूर कर दे। नही तो एक मुर्गी की वजह से अन्य मुर्गियां भी बीमार पड़ सकती है। और आपको घाटा का सौदा करना पड़ सकता है।

यहाँ क्लिक करे:- Kadaknath या काली मासी भारतीय नस्ल का मुर्गा है

 

कड़कनाथ चिकन फार्मिंग के व्यापार में क्या लाभ है?  (What is the benefit of Kadaknath chicken farming business??)

 

  • अगर कड़कनाथ चिकन फार्मिंग को आप एक बिजनेस की तरह करते है। तो इसके लाभ ही लाभ है। क्योकी कड़कनाथ चिकन की बाजार में काफी मांग है। और ये अधिक दामो में बिकते है।

 

  • कड़कनाथ चिकन के अंडे और मांस बाजारों में अधिक दामो में बेचे जाते है। कड़कनाथ नस्ल के मुर्गियों के प्रति अंडों के दाम 40 से 50 रुपये होते है। और इसके चिकन का दाम 800 से 1200 तक बिकता है।

 

  • कड़कनाथ चिकन फार्मिंग देश मे अभी काफी कम लोगो के द्वारा चलाया जा रहा है। इसलिए इसमें अभी कम्पीटीशन बहुत कम है। जिससे आप कड़कनाथ नस्ल के मुर्गो के अंडे और मॉस को अधिक दामो में बेचकर ज्यादा लाभ कमा सकते है।

 

  • कड़कनाथ चिकन फार्मिंग के द्वारा आप कम समय मे अधिक पैसे कमा सकते है। क्योंकि इस नस्ल के मुर्गे काफी जल्दी तैयार हो जाते है।

 

कड़कनाथ चिकन फार्मिंग शुरू करते समय रखे इन जरूरी बातों का ध्यान ?

 

  • अगर आप पहली बार कड़कनाथ चिकन फार्मिंग करते है। तो आप 100 चिकन से ज्यादा का पालन ना करे। बाद में जब आपको प्रॉफिट होने लगे तभी आप चिकन की संख्या बढ़ाये।

 

  • ये फार्म आप गाँव या शहर के बाहर ऐसे स्थानो पर खोंले जहाँ ज्यादा शोरसराबा ना हो। जिससे वो आराम से उस स्थान पर रह सके।

 

  • आप जहाँ पर फार्म खोल रहे है। वहाँ पर बिजली , पानी , हवा की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए।

 

  • फार्म वाले स्थानो पर आपको साफ सफाई का विशेष ध्यान रखना होगा।

 

  • मुर्गियों के पानी पीने वाले बर्तनों को 1 से 2 दिनों में साफ जरूर करे ।

 

  • समय – समय पर पशु चिकित्सक डॉक्टरों द्वारा उनकी जांच जरूर कराए।

 

  • अगर किसी वजह से कोई मुर्गी बीमार हो जाती है। तो सबसे पहले तो उसे अन्य मुर्गियों से अलग कर दे। और पुनः उसका इलाज कराए। अगर आप बीमार मुर्गियों को अन्य मुर्गियों के साथ रखते है। तो अन्य मुर्गियां भी बीमार हो सकती है।

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कड़कनाथ चिकन फार्मिंग में लागत और मुनाफा ?( Cost and profits in Kadaknath Chicken Farming? )

 

कड़कनाथ चिकन पालने वाले लोगों के अनुसार बताया जाता है। की कड़कनाथ नस्ल के मुर्गियों को पालने में बहुत ज्यादा पैसे की आवश्यकता नही होती है। इस नस्ल के मुर्गे ज्यादातर बरसीम, हरे चारे, बाजरा बहुत ही मन से खाते है। और अगर इसे बगीचों में शेड बना कर पाला जाये। तो और आसानी होती है। और कम लागत में ही हो जाती है। लेकिन अगर आप बाग के अलावा कही और इनका पालन करते है। तो 1 किलो चिकन को तैयार करने में  150 से 200 रुपये तक लगते है। लेकिन बाजार में यह 600 से 1000तक बिकता है। जोकि अन्य नस्ल के मुर्गो के मुकाबले 2 से 3 गुना ज्यादा महंगा बिकता है।

 

निष्कर्ष (Conclusion )

 

दोस्तो इस पोस्ट के माध्यम से आप ने जाना कि कड़कनाथ मुर्गे कैसे होते है। कड़कनाथ मुर्गी फार्म कैसे शुरू करे। और हमे इनको चलाने के लिए किन किन बातों का विशेष  ध्यान रखना चाहिए, आदि सभी जानकारियां। आशा करता हूं आपको मेरे द्वारा बताई गई  यह जानकारी अच्छी लगी होगी, अगर अच्छी लगी हो तो इसे अन्य लोगो तक शेयर जरूर करे। और अगर इस पोस्ट से सम्बंधित आपके मन मे कोई सवाल हो तो नीचे कमेंट के माध्यम से जरूर पूछे। हम आपके सवाल का जवाब देने की पूरी कोशिश करंगे। धन्यवाद….

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