RCC full form
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RCC full form : दस्तों आपने इस आरसीसी का नाम तो पहले सुना ही होगा क्योंकि अक्सर जब लोग किसी घर या किसी बिल्डिंग का निर्माण करते हैं तो वह इस शब्द का इस्तेमाल अवश्य करते हैं। आरसीसी शब्द का इस्तेमाल अक्सर स्लैब या किसी घर की छत बढ़ने के समय किया जाता है। इसी कारण आपने भी इस शब्द का प्रयोग कभी ना कभी अवश्य किया होगा। परंतु क्या आप इस बात को जानते हैं कि आरसीसी क्या होता है एवं इस का फुल फॉर्म क्या है? तो चलिए आज हम यह जानेंगे कि आरसीसी क्या है?

लोग दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए सभी अपने अपने घरों का निर्माण करते हैं जिसमें वह अपने परिवारों के साथ सुरक्षित जीवन व्यतीत करें परंतु एक घर बनवाने में लगने वाले लोगों की अधिक मेहनत एवं अधिक पैसे की आवश्यकता होती है जिससे वह कामयाबी पूर्वक अपना घर तैयार कर सके। जब किसी घर की नीव बनती है तो उस घर में सबसे जरूरी घर की छत का बनना ध्यान में रखा जाता है जिसके नीचे लोग अपने परिवार के साथ अपना जीवन व्यतीत करते हैं। इसी डालने की प्रक्रिया को ही आरसीसी कहते हैं।

RCC full form

RCC का पूरा नाम रेनफोर्समेंट सीमेंट कंक्रीट होता है जिसे हिंदी में प्रबलित सीमेंट कंक्रीट भी कहा जाता है। जब किसी सीमेंट में कंक्रीट लोहे के सरिया द्वारा प्रबलन मिलाया जाता है तो उसे प्रभावित सीमेंट कंक्रीट कहा जाता है।

Civil engineering field से जुड़ा हुआ आरसीसी एक शब्द होता है। आरसीसी के बारे में पूरी जानकारी जाने से पहले आप सभी को कंक्रीट क्या है यह समझना आवश्यक है। सीमेंट गिट्टी पानी एवं बालू के मिश्रण से बनने वाली सामग्री को कंक्रीट कहते हैं जिसका उपयोग घर बनाने के समय कोई स्लैब ढलाई करने छत ढालने आदि के लिए किया जाता है। किसी बिल्डिंग के निर्माण के वक्त कंक्रीट काफी मजबूत एवं महत्वपूर्ण पदार्थ होता है।

गिट्टी सीमेंट पानी तथा बालू के मिश्रण से बने साधारण पदार्थ को कंक्रीट या फिर CC कहते हैं। जब भी किसी मकान या बिल्डिंग की छत डाली जाती है तो उसे डालने के लिए कंक्रीट की ही मदद ली जाती है। CC का full form ‘cement concrete’ होता है।

जब कभी इस CC मैं आयरन या सीरिया डाला जाता है तो यह RCC कहलाता है। RCC का पूरा नाम Reinforcement Cement Concrete होता हैं। जब भी बिल्डिंग की छत पढ़ती है तब कभी आपने यह देखा होगा कि छत डालने से पहले वहां पर एक लोहे की सरिया का जाल तैयार किया जाता है। इसी जाल के ऊपर ही किसी बालू सीमेंट पानी एवं गिट्टी से मिली सामग्री जिसे हम कंक्रीट कहते हैं वह डाली जाती है। कंक्रीट डालने से पहले लोहे की सरिया की जो जाल तैयार की जाती है उसे ही हम RCC कहते हैं एवं लोहे के बने उस जाल को reinforcement bar कहां जाता है।

RCC full form
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RCC के फायदे-

हमें इस बात की जानकारी तो मिल चुकी है की जब सीमेंट कंक्रीट के बीच कोई लोहे की सरिया की जाल डाली जाती है तो उसे आरसीसी कहां जाता है। परंतु अब आप सभी के मन में यह सवाल जरूर उत्पन्न हुआ होगा कि आखिरकार छत डालने से पहले छतों में यह लोहे की सरिया की जाल क्यों तैयार की जाती है तो चलिए आगे हम इस बात के बारे में जानते हैं कि ऐसा क्यों किया जाता है।

छतों पर सीमेंट कंक्रीट में लोहे के सरिया की जाल बनाने की वजह कंक्रीट में तनन क्षमता को अधिक बढ़ाना होता है। Compression force मैं तो साधारण कंक्रीट काफी मजबूत होती है परंतु जब उस साधारण कंक्रीट पर तनाव मूलक बल यानी की Tension force अधिक पड़ता है तो वहां पर सीमेंट कंक्रीट काफी कमजोर हो जाती है। इसी कारण यदि इसे कमजोर होने से बचाने के लिए कंक्रीट के बीच में लोहे की सरिया का एक जाल डाला जाए तो यह तनन में भी अधिक मजबूत बनती है।

सीमेंट कंक्रीट के साथ लोहे के जाल को मिलाकर छत तैयार करने से किसी भी आपदा के आने पर बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कभी भी एक साथ नहीं गिरता है। अगर किसी आपदा के कारण बिल्डिंग को कोई नुकसान होता है या फिर वह गिरने लगती है तो वह कभी भी अचानक नहीं गिरती बल्कि थोड़े थोड़े हिस्से में बट कर गिरती है जिस वजह से दुर्घटना होने की संभावना भी कम होती है।

RCC का इतिहास-

RCC के तरीके से छत बनाने की प्रक्रिया काफी पुरानी है। जब पहले के समय में लोगों के पास आयरन मौजूद नहीं होता था तब वे लोग बम्बू को आयरन की सरिया की तरह ही जाल बनाकर छत बनाने के समय प्रयोग में लाते थे।

वर्ष 1853 में जब पेरिस के एक बिजनेसमैन ने पहली बार Reinforced Building का निर्माण आरंभ किया तब से ही वर्तमान समय के इस कंक्रीट की शुरुआत हुई थी। उसके बाद इंग्लैंड के बिल्डिंग निर्माता William B. Wilkinson द्वारा वर्ष 1854 में building construction के लिए आरसीसी का उपयोग किया गया था। उसी समय के बाद से ही बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन के लिए आरसीसी का उपयोग सभी जगहों पर होने लगा। आज के समय में इस टेक्नोलॉजी का उपयोग सभी घरों के निर्माण के लिए किया जाता है।

Building construction की दुनिया में आरसीसी ने एक नया बदलाव लाया है। आज के समय में हम जो बड़ी-बड़ी गगनचुंबी इमारतें बनते हुए देखते हैं यह सब आरसीसी की वजह से ही संभव हो पाया है। पहले के समय में जब आरसीसी नहीं हुआ करती थी तब ऐसी ऊंची ऊंची इमारतें बनाना काफी मुश्किल काम था परंतु अब आरसीसी की वजह से हम आसानी से ऊंची ऊंची इमारत एवं बिल्डिंग कितनी भी ऊंचाई पर अपने अनुसार सफलतापूर्वक तैयार कर सकते हैं।

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Conclusion

दोस्तों इस पोस्ट के जरिए हम यह जान पाए हैं कि आरसीसी क्या होता है RCC full form क्या है एवं उसका उपयोग कैसे किया जाता है साथ ही साथ इसके क्या क्या फायदे होते हैं। हमें यह उम्मीद है कि आपको आरसीसी से जुड़ी हुई सभी तरह की जानकारी हम आप तक पहुंचाने में सफल हुए हैं।

आशा करती हूं आपको हमारी यह पोस्ट अवश्य पसंद आई होगी। यदि आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे सोशल मीडिया पर अवश्य शेयर करें जिससे अन्य लोगों को भी इससे जुड़ी जानकारी को जानने का अवसर मिले। यदि आपके मन में आरसीसी से जुड़ी कोई भी प्रश्न हो तो उसे नीचे कमेंट बॉक्स के माध्यम से पूछें हम आपके इन प्रश्नों के उत्तर देने का प्रयत्न अवश्य करेंगे। धन्यवाद……

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